हमने इब्ने फरानास के बारे में पहले भी लिखा है लेकिन हमने उन्हें सारे वैज्ञानिकों के साथ मिलकर लिखा था अब हम सभी मुस्लिम वैज्ञानिकों की जानकारी अलग अलग करने आपके सामने रखेंगे. क्यूंकि मुस्लिम वैज्ञानिकों को साजिशन छुपाया गया है. विश्व में सबसे ज्यादा आविष्कार मुसलमानों ने ही किये है. कुरआन में एक जगह इशारा दिया गया है के "ऐ लोगो तुम इस धरती से निकलना चाहते हो तो निकल जाओ लेकिन तुम बिना विशेष शक्ति के हरगिज ना निकल पाओगे" धरती से एक विशेष शक्ति के सहारे नीला जा सकता है यह इशारा कुरआन ने दिया है. कुरआन में दुनिया के सारे अविकाश पहले से ही मौजूद है यही वजह है के वैज्ञानिकों में सबसे ज्यादा तादाद मुसलमानों की ही है.
विमान से उड़ने का सपना कौन नहीं देखता लेकिन एक शख्स ऐसा भी हुआ जिसने चिड़ियों की तरह उड़ने की कोशिश की! यह वाकया किसी परीकथा का नहीं है! अगर आप से कोई यह कहे कि मैंने आज एक इन्सान हवा में उड़ते हुए देखा है तो शायद आप उस पर टूट भी पड़े लेकिन एक ऐसा शख्स था जिसने यह कर दिखाया, आपको यकीन नहीं होगा लेकिन यह 100% सच है, और यही वो शख्स है जिसने सबसे पहला हवाई जहाज़ बनाया था!
हमे स्कूल मे यह पढ़ाया जाता है की हवाई जहाज़ का अविष्कार ‘राइट ब्रदर्स’ ने ‘लियनएर्डो दा विन्सी’ की मॉडेल से प्रेरणा ले कर किया था मगर यह नही बताया जाता की ‘लियनएर्डो दा विन्सी’ के 600 साल पहले एक मुसलिम वैज्ञानिक ने ना सिर्फ़ हवाई जहाज़ का मॉडेल बनाया बल्कि उसे खुद ने सफलतापूर्वक टेस्ट भी किया!
हमे स्कूल मे यह पढ़ाया जाता है की हवाई जहाज़ का अविष्कार ‘राइट ब्रदर्स’ ने ‘लियनएर्डो दा विन्सी’ की मॉडेल से प्रेरणा ले कर किया था मगर यह नही बताया जाता की ‘लियनएर्डो दा विन्सी’ के 600 साल पहले एक मुसलिम वैज्ञानिक ने ना सिर्फ़ हवाई जहाज़ का मॉडेल बनाया बल्कि उसे खुद ने सफलतापूर्वक टेस्ट भी किया!
हाँ मै कोई कहानी नही सुना रहा हूँ बल्कि एक सच्ची घटना बता रहा हूँ! यह है मुसलिम वैज्ञानिक ‘अब्बास इब्न फिरनास‘ जिनका जन्म 810 ई० मे स्पेन मे हुआ था, जो एक इंजिनियर, अविष्कारक, विमान-चालक, चिकित्सक, अरबी कवि भी थे! इतिहासकार फिलिप हिती की किताब अरब के इतिहास के अनुसार, आकाश में उड़ान भरने के इतिहास में पहला वैज्ञानिक प्रयास अब्बास कासिम इब्न फिरनास ने ही किया था!
इस किताब में यह भी कहा गया है कि विमान के अविष्कारक विल्बर राईट और ओर्विल्ले राईट कहे जाते है, लेकिन इन दोनों से पहले ही उसने आकाश में उड़ने का प्रयास किया था! उसने यह प्रयास एक ग्लाईडर को लेकर किया था! कहा जाता है कि फिरनास द्वारा किया गया वह प्रयास सफल रहा था! 875 ई० में फिरनास 65 साल का था तब उसने यह कारनामा किया था!
इस किताब में यह भी कहा गया है कि विमान के अविष्कारक विल्बर राईट और ओर्विल्ले राईट कहे जाते है, लेकिन इन दोनों से पहले ही उसने आकाश में उड़ने का प्रयास किया था! उसने यह प्रयास एक ग्लाईडर को लेकर किया था! कहा जाता है कि फिरनास द्वारा किया गया वह प्रयास सफल रहा था! 875 ई० में फिरनास 65 साल का था तब उसने यह कारनामा किया था!
अब्बास इब्न फिरनास ने पक्षियो के उड़ने का अध्यन किया और एक लकड़ी और रेशम के पँखो से बना एक पहनने योग्य यंत्र बनाया और मस्जिद की मीनार पर से उड़ान भारी, बाद मे उसी के एक और उन्नत मॉडेल ग्लाईडर बनाया जिसे उन्होने पहाड़ की चोटी से उड़ान भर कर आज़माया! इतिहासकार लिखते है कि देखने वालो ने बताया कि यह उड़ान हर पक्षी से तेज़ थी! आकाश में उड़ने का उसका यह प्रयास लगभग सफल था! उसको आकाश से नीचे उतरने का कारनामा कई लोगो ने देखा! जब वह धरती पर नीचे उतर रहा था परन्तु वह ठीक ढंग से उतर नही पाया और इससे वह घायल हो गया!
आज इस इंसान द्वारा की गयी पहली कोशिश के कारण ही हम आकाश में उड़ पाते है और इनके सम्मान में चाँद पर पाए जाने वाले एक बड़े गड्ढे का नाम ‘इब्न फिरनास क्रेटर’ रखा गया है! इब्न फिरनास के सम्मान में लीबिया सरकार ने भी डाक टिकट जारी किया है, और इराक के बगदाद में एक आलिशान पुतला भी बनवाया गया है! स्पेन में इब्न फरनास के नाम पर एक पुल बनाया गया है! दुबई के इब्न बतूता शॉपिंग मॉल में इब्न फरनास के कारनामो को पुतले का शकल दिया गया है!
आज इस इंसान द्वारा की गयी पहली कोशिश के कारण ही हम आकाश में उड़ पाते है और इनके सम्मान में चाँद पर पाए जाने वाले एक बड़े गड्ढे का नाम ‘इब्न फिरनास क्रेटर’ रखा गया है! इब्न फिरनास के सम्मान में लीबिया सरकार ने भी डाक टिकट जारी किया है, और इराक के बगदाद में एक आलिशान पुतला भी बनवाया गया है! स्पेन में इब्न फरनास के नाम पर एक पुल बनाया गया है! दुबई के इब्न बतूता शॉपिंग मॉल में इब्न फरनास के कारनामो को पुतले का शकल दिया गया है!
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