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नई दिल्ली – पीएम नरेंद्र मोदी के लाख कहने के बावजूद गौगुंडे उनकी बात मानने को तैयार नहीं हैं। पीएम मोदी कई बार हिदायत दे चुके हैं, आंसू भी बहा चुके हैं लेकिन गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा बदस्तूर जारी है। गौगुंडे इतने उन्मादी हो गए हैं कि वाहन में ले जा रहे किसी दूसरे जानवर को भी गाय समझ लेते हैं। ऐसी ही एक घटना राजस्थान में हुई है।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, घटना राजस्थान के बाड़मेर जिले की है। जहां पर गौरक्षकों ने शक के आधार पर एक वाहन का पीछा किया। गौरक्षकों को शक था कि वाहन में गायों को तस्करी करके ले जाया जा रहा है। जिसके बाद उन्मादी गौगुंडों ने वाहन में मौजूद लोगों को बेरहमी से पीटा।
वहीं वाहन की तलाशी लेने पर गाय नहीं गधा निकला। पुलिस ने इस घटना को संज्ञान में लेते हुए उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मौके पर से फरार हो गए गौरक्षकों की पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। सिंधरे पुलिस के ऑफीसर देवीचंद धाखा ने कहा, जालौर जिले के साल्या टाउन के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने गधे के खो जाने शिकायत 2 सितंबर को थाने में दर्ज कराई थी।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, घटना राजस्थान के बाड़मेर जिले की है। जहां पर गौरक्षकों ने शक के आधार पर एक वाहन का पीछा किया। गौरक्षकों को शक था कि वाहन में गायों को तस्करी करके ले जाया जा रहा है। जिसके बाद उन्मादी गौगुंडों ने वाहन में मौजूद लोगों को बेरहमी से पीटा।
वहीं वाहन की तलाशी लेने पर गाय नहीं गधा निकला। पुलिस ने इस घटना को संज्ञान में लेते हुए उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मौके पर से फरार हो गए गौरक्षकों की पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। सिंधरे पुलिस के ऑफीसर देवीचंद धाखा ने कहा, जालौर जिले के साल्या टाउन के रहने वाले एक व्यक्ति ने अपने गधे के खो जाने शिकायत 2 सितंबर को थाने में दर्ज कराई थी।
काफी खोजबीन करने के बाद शिकायत कर्ता कांतिलाल भील को उसका गधा सिंधरे के कालूदी गांव के बस स्टेशन के पास मिला। कांतिलाल ने पुलिस को बताया कि वह गधे को वाहन से लेकर अपने सहयोगियों के साथ जा रहे थे। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, हमने पीड़ितों की दलील के आधार पर केस दर्ज कर लिया और दोषियों की धड़पकड़ का काम तेज कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक रामनिवास सुनंदा ने कहा, आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। राजस्थान में गाय के नाम पर पहली बार हिंसा नहीं हुई है। इससे पहले अपने डेयरी फार्म पर गाय ले जा रहे फहलू खान को गौरक्षकों ने पीटा था जिसके 2 दिन बाद उनकी मौत हो गई थी।
पुलिस अधीक्षक रामनिवास सुनंदा ने कहा, आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। राजस्थान में गाय के नाम पर पहली बार हिंसा नहीं हुई है। इससे पहले अपने डेयरी फार्म पर गाय ले जा रहे फहलू खान को गौरक्षकों ने पीटा था जिसके 2 दिन बाद उनकी मौत हो गई थी।
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