देश के खजाने को लुटाने वाला महोत्सव था नोटबन्दी

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गोबर खाकर गोबर की राजनीति करने वाला इंसान गोबर ही करेगा। देश के लिये अबतक के सबसे बडे #घोटालो का नाम यदि लिया जाये तो नोटबन्दी सबसे उपर आयेगी। गरीब को भूखमरी में ढ़केलने वाला तथा अमीरों को और अमीर बनाने वाला सबसे गंदा, घटिया और #मनुस्मृति पर आधारित फैसला था नोटबन्दी। आजतक आप यही जानते आये हैं कि नोटबन्दी से सैकडों लोग लाईन में खडे होकर मर गये लेकिन असली खेल देखिये। नोटबन्दी के बाद से अबतक 8748 #बैंकफ्राँड हो चुका है। और आपकी मेहनत और पसीने की कमाई का लगभग 1,11,738 करोड रूपये बैंक से कर्ज लेकर मोदी के हजारों नात रिस्तेदार विदेश भाग चुके हैं।
सूची देखिये-
बैक कर्ज(करोड़ में) कर्जदार।
एसबीआई - 27716 1665
पीएनबी - 12574 1018
बैंक आफ इंडिया। 6104 314
बैंक आफ बडोदा 5342 443
यूनियन बैंक 4802 779
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 4429 666
ओरिएंटल बैंक 4244 420
यूको बैंक 4100 338
आंध्रा बैंक 3927 373
केनरा बैंक 3691 473
आईडीबीआई। 3659 83
विजया बैंक 3152 112

ये मात्र 12 लोग हैं जिनकी सूचना रिजर्व बैंक ने दिया हैं बाकी लोगो का सूचना देने से इंकार कर दिया।
बडी मेहनत से लिखा हूँ, एकबार पढकर सोचियेगा जरूर।
- Sonoo Sidharth
(लेखक के निजी विचार)




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